l शेखर साहित्य और विशेष रूप से शायरी केवल शब्दों का खेल नहीं है। वह मनुष्य के भीतर की संवेदनाओं, अनुभवों, संघर्षों, सपनों, प्रेम, पीड़ा और जीवन-दर्शन की अभिव्यक्ति है। शायरी का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य के हृदय तक पहुँचना और उसके अनुभवों को शब्द देना है। किंतु समय-समय पर शायरी की धाराएँ बदलती रही हैं। भाषा, शैली, प्रतीक और अभिव्यक्ति के स्वरूप भी बदलते रहे हैं। शायरी का अपना एक विशिष्ट व्याकरण और शिल्प है। उसके मूल नियमों का पालन किए बिना लिखी गई रचना उत्कृष्ट कविता तो हो सकती है, किन्तु उसे शायरी नहीं कहा जा सकता। शायरी की संरचना में बह्र, क़ाफ़िया और रदीफ़ का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। ये केवल तकनीकी तत्व नहीं, बल्कि शायरी की पहचान हैं। इनमें किसी प्रकार की त्रुटि या समझौता रचना को शायरी की पारंपरिक कसौटी से बाहर ले जाता है। किन्तु केवल शिल्पगत शुद्धता ही पर्याप्त नहीं होती। एक अच्छे शेर में कोई ऐसी बात अवश्य होनी चाहिए जो विचार, अनुभूति या अनुभव के स्तर पर पाठक को छू सके। शेर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह केवल दो मिसरों में एक संपूर्ण भाव, विचार या अनुभूति को व्यक्त कर...
रघुबीर सिंह राणा लोकल न्यूज ऑफ इंडिया डुगिलुग, कुल्लू । कभी-कभी लोकतंत्र में कुछ चुनाव ऐसे होते हैं जिनका महत्व उनके पद से कहीं बड़ा होता है। डुगिलुग जिला परिषद सदस्य का चुनाव भी कुछ ऐसा ही साबित हुआ है। कागजों में यह जिला परिषद की एक सीट का चुनाव था, लेकिन इसके परिणाम ने कुल्लू जिले की राजनीति में दूर तक सुनाई देने वाली दस्तक दे दी है। राज कुमार ठाकुर की शानदार जीत ने न केवल भाजपा खेमे में उत्साह भर दिया है, बल्कि कांग्रेस के राजनीतिक गणित को भी नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है। 10,861 मत हासिल कर राज कुमार ठाकुर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तारा चंद को 2,589 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। यह जीत केवल आंकड़ों की जीत नहीं है। यह उस विश्वास की जीत है जिसे डुगिलुग की जनता ने वर्षों की सेवा, समर्पण और सामाजिक जुड़ाव के आधार पर वोट रूपी आशीर्वाद देकर सम्मानित किया है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि जनता ने राज कुमार ठाकुर को नहीं, बल्कि उनके काम और व्यवहार को जिताया है। राजनीतिक दृष्टि से देखें तो यह परिणाम मनाली विधानसभा से अधिक कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मा...