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दाल रोटी खाओ हरी के गुण गाओ:: लोकल फूडी  घराट आटा  कैसे हैं फायदेमंद  

दाल रोटी खाओ हरी के गुण गाओ:: लोकल फूडी  घराट आटा  कैसे हैं फायदेमंद  



गौरी 


लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 


दिल्ली।आज की आधुनिक चक्की के मुकाबले “घराट” (Gharat) का पिसा हुआ आटा न सिर्फ पौष्टिक हुवा करता था बल्कि पहाड़ की सामाजिक संस्कृति को भी दर्शाता था, “घराट” नदी के एक छोर पर स्थापित किया जाता था। जिसमें नदी के किनारे से लगभग 100 से 150 मीटर लंबी नहरनुमा के द्वारा पानी को एक नालीदार लकड़ी (पनाले) के जरिये जिसकी ऊंचाई से 49 अंश के कोण पर स्थापित करके पानी को उससे प्रवाहित किया जाता है। पानी का तीव्र वेग होने के कारण घराट के नीचे एक गोल चक्का होता है, जो पानी के तीव्र गति से घूमने लगता है। वी आकार की एक सिरा बनाया जाता है जिसमें अनाज डाला जाता है ओर उसके नीचे की ओर अनाज निकाल कर पत्थर के गोल चक्के में प्रवाहित होकर अनाज पीसने लगता है।


यह अनाज फाइबर से भरपूर स्वादिष्ट और सभी पौष्टिक तत्वों को संजोते हुए आपके आहार में शामिल होता था ना तब आपको इस आटा में किसी एक्स्ट्रा प्रोटीन का भ्रम डालने की जरूरत होती थी और ना आपको इनको पचाने की जद्दोजहद के लिए दवाईयों का डोंज लेना पड़ता था।



आपकी शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता का तो मानो रामबाण इलाज थी यह व्यवस्था। और रही बात पहाड़ो की तो कभी पहाड़ की  छोटी-बड़ी नदियों के किनारे पानी की कल कल के आवाज के साथ “घराट” यानी “घट” में मेला सा लगा रहता था, पहाड़ों के ये “घट” पहाड़ की सामाजिक आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन की धुरी हुआ करते थे, तत्कालीन समय पहाड़ी क्षेत्रों में गेहूं और मडवा पीसने का घराट यानी घट एकमात्र साधन था, “घराट” संचालक को अनाज पीसने के बदले थोड़ा बहुत अनाज मिला करता था जिससे उसकी रोजी रोटी चलती थी।


लोकल फूडी का लक्ष्य ख़त्म होते इस बड़े लेकिन प्राकृतिक धरोहर घराट को जीवित रखना बल्कि अच्छे अनाज और आटे को देश दुनिया की रसोई की ताकत बनाना हैं। लोकल फूडी का घराट आटा ना सिर्फ ताजा मिलेगा बल्कि बेहतरीन क्वालिटी का भी।  


आपकी सेहत आपके पेट के रास्ते गुजरती हैं और आपकी उम्र के हिसाब से आपको सुपाच्य और अच्छे अनाज का सेवन करना भी जरूरी होता हैं। शहरो में प्रदूषण और खाने की घटिया क्वालिटी अच्छे पैकेजिंग में आपके सेहत का कबाड़ निकालने में सक्षम हैं। शायद यही वजह हैं कि  लोकल फूडी आपके लिए घराट  का शुद्ध आटा ला रहा हैं हाँ अच्छा खाना हैं तो थोड़ी जेब ढीली करनी पड़ेगी। ज्यादा नहीं करीब ५ लोगो के परिवार के लिए ७ दिन का अच्छा पांच किलो आटा मात्रा आप पांच सदस्यों का एक बार बर्गर ट्रिप जैसा है बल्कि उससे सस्ता पर डॉक्टर की फीस बचाने की एक अलग सुविधा के साथ।  


 


और हाँ आटा  आटा होता हैं उससे बनी रोटी आपको दाल सब्जी गुड़ घी अचार या दूध दही के साथ खानी होती हैं जिसमे जरूरी प्रोटीन और विटामिन्स मौजूद होते हैं उसको गेंहूं के आटे  में डालकर आपकी सेहत बिगाड़ने की कोई जरूरत नहीं हैं पर लोग बाजार में आपको सब कुछ बेच रहे हैं. बाजार में हम भी आ रहे हैं लोकल फूडी के साथ बस हमारी खासियत यह हैं कि हम मिलावट और सजावट से परे प्राकृतिक और गुनकारी आहार आपको परोसने के मकसद के साथ ही आ रहे हैं।  और हमारा प्रण और संकल्प सिर्फ आपकी सेहत के साथ साथ स्वाद का ख्याल रखना हैं।  आपकी अच्छी सेहत और मुस्कुराता चेहरा हमारी कमाई हैं -आदित्य वार्ष्णेय ,वाईस प्रेसिडेंट , ग्लोबल बिज़नेस लोकल फूडी 


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