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चुनौती भरे माहौल में पूरा करना है शिक्षण का दायित्वःडा. राणा
September 17, 2020 • Vijay Shukla • उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड-बिहार

चुनौती भरे माहौल में पूरा करना है शिक्षण का दायित्वःडा. राणा

संस्कृति विवि में पांच अगस्त से शुरू हैं आनलाइन कक्षाएं

संस्कृति विवि के सेमिनार हाल में शिक्षकों को संबोधित करते कुलपति डा. राणा सिंह।

 

रिटायर्ड लेफ्टिनेंट बच्चू सिंह 

लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया 

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के डीन और फैकल्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक सेमिनार हाल में सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों को पूरा करते हुए संपन्न हुई। बैठक में वक्ताओं ने कोविड-19 के प्रकोप के चलते उत्पन्न हुए विषम हालातों में विद्यार्थियों के शिक्षण कार्य को बिना प्रभावित हुए समय से और पूर्ण दक्षता से संपन्न कराने के निर्देश और सुझाव दिए। बैठक में कहा गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोरोना की चुनौतियों को स्वीकारते हुए विद्यार्थियों की शिक्षा किसी हाल में बाधित न होने देने का संकल्प लिया है। हम सभी शिक्षकों को यह संकल्प पूरा करना है।

बैठक में विश्वविद्यालय के कुलपति डा.राणा सिंह ने कहा कि हमने समय से पूर्व वर्तमान हालातों का अनुमान लगाते हुए अपने यहां आनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी थीं। इसका लाभ यह हुआ कि सभी पाठ्यक्रम समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार पूरे हुए। विद्यार्थियों ने भी आनलाइन कक्षाओं में अच्छी संख्या में भाग लेकर उच्च शिक्षा के प्रति अपनी गंभीरता का प्रदर्शन किया। समय से कोर्स पूरे हो जाने से परीक्षा विभाग परीक्षाएं कराने की तैयारियों में जुट गया। समस्या यह थी कि विद्यार्थी लाकडाउन के चलते विश्वविद्यालय आ नहीं सकते थे। ऐसे में विवि प्रशासन ने परीक्षाओं को आनलाइन संपन्न कराने का निर्णय लिया। परीक्षा विभाग और विवि के आईटी सेल के सामने इतने सारे विद्यार्थियों की त्रुटि रहित परीक्षा कराने की चुनौती आ गई। ऐसे में इन विभागों की टीम ने युद्धस्तर पर काम किया और एक माह और कुछ दिन में सभी पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं त्रुटिरहित परीक्षाएं संपन्न कराईं। यह एक बड़ी सफलता थी, जिसके लिए हम अपनी परीक्षा विभाग की टीम और आईटी सेल के टेक्नीशियनों की सराहना करते हैं। उल्लेखनीय बात यह रही कि परीक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति 97 प्रतिशत रही। जिसकी वजह से हम समय से परीक्षा परिणाम घोषित कर सके। इतना ही नहीं अब हम नया सेशन शुरू कर चुके हैं, पांच अगस्त से। चूंकि कोरोना के कारण अभी यह अनुमान लगाना कठिन हो पा रहा है कि भौतिक रूप से कक्षाएं कब शुरू होंगी, इसलिए हमें आनलाइन ही आगे का शिक्षण कार्य पूरा करना है।

संस्कृति स्कूल आफ इंजीनियरिंग के डीन डा. सुरेश कासवान ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों के शिक्षण कार्य को आनलाइन संपन्न कराने के लिए अपग्रेड कंपनी से एमओयू किया है। इस कंपनी द्वारा एक ऐसा प्लेटफार्म (एप) उपलब्ध कराया गया है जिसके द्वारा एक साथ अनेक विद्यार्थी आन लाइन क्लास अटेंड कर सकते हैं। इस प्लेटफार्म पर विद्यार्थियों को अपने विषय संबंधी लेक्चर कभी भी सुन सकने की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही इसके माध्यम से सभी आवश्यक डेटा तैयार किया जा सकता है। विशेषज्ञों की वेबिनार का विद्यार्थी लाभ उठा सकते हैं। हमारी फैकल्टी विद्य़ार्थियों की विषय संबंधी समस्याओं का आनलाइन समाधान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को चाहिए कि जब तक स्थितियां सामान्य न हो जाएं वे आनलाइन उसी तरह से अपना शिक्षण कार्य करें जैसा सामान्य दिनों में करते हैं। विद्यार्थियों को प्रेरित करें की उनकी कक्षाएं विद्यार्थी मिस न करें। इंटरनल परीक्षाएं समय से हो जाएं और उसके लिए विद्यार्थियों को सचेत भी कर दें।

बैठक में विवि के रजिस्ट्रार पूरन सिंह, डिप्टी रजिस्ट्रार दिलीप सिंह, संस्कृति स्कूल आफ इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष विंसेट बालू, स्कूल आफ मेडिकल एंड एलायड साइंसेज की ड़ा. पल्लवी श्रीवास्तव, स्कूल आफ मैनेजमेंट एंड कामर्स के डीन सी.पी. वर्मा, स्कूल आफ एजूकेशन के विभाध्यक्ष डा. महमूद खान, स्कूल आफ फार्मेसी एंड रिसर्च सेंटर की विभागाध्यक्ष डा. अनामिका सक्सेना, प्रशासनिक अधिकारी विवेक श्रीवास्तव, डिप्टी कंट्रोलर एक्जामिनेशन मनोज ओझा, ईआरपी मैनेजर प्रवीन शर्मा, सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर (आईटी सेल) सुधांशु पी. शाह आदि अनेक फैकल्टी सदस्य और विवि के अधिकारी मौजूद रहे।