ALL हिमाचल-पंजाब-लेह लद्दाख-कश्मीर विजय पथ-सम्पादकीय-लेख-खास रपट हरियाणा- राजस्थान उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड-बिहार दिल्ली सोनभद्र-मिर्ज़ापुर राजनीति-व्यापार-सिनेमा-समाज-खेती बारी देश-विदेश मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़-झारखंड लोकल साथी
डीएम साहेब जारी है गोरखधंधा .... राजस्व और वन बिभाग टीम की मिली भगत से वन भूमि पर कब्जा कर के रातोरात भवन निर्माण जारी 
November 20, 2020 • Vijay Shukla • सोनभद्र-मिर्ज़ापुर

डीएम साहेब जारी है गोरखधंधा .... राजस्व और वन बिभाग टीम की मिली भगत से वन भूमि पर कब्जा कर के रातोरात भवन निर्माण जारी 

 


प्रदीप कुमार जायसवाल 

लोकल न्यूज आँफ इंडिया 

बीजपुर , सोनभद्र। स्थानीय बाजार के उत्तर पटरी पर खाली पड़ी बंजर और वन भूमि पर अवांछित तत्वों द्वारा रातोरात भवन निर्माण इस समय जोर पकड़ लिया है। खबर के अनुसार सड़क किनारे की बेशकीमती जंगल और बंजर की जमीन पर बिभागीय मिली भगत के तहत कौड़ियों के मोल जमीन बेचने का गोरखधंधा अधिकारी और कर्मचारी शुरू किए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार बाजार के उत्तर पटरी पर मोटर गैराज से लेकर पुनर्वास मंदिर तक जमीन लूट का खेल जारी है। बताया जाता है कि पहले प्लास्टिक और तिरपाल लगा कर घेरा जाता है फिर धीरेधीरे उसको ईटा तथा सीट से बना कर 20 से 30 लाख रुपये में बेचने का गोरखधंधा लगभग 15 दिन से जारी है।

जानकारी के अनुसार जब से नए वन  रेंज अधिकारी की नियुक्ति यहाँ हुई है तब से जमीन कब्जा अभियान तेज हो गया है। बताया जाता है कि रेंजर साहब का चालक इस समय उनका कारखास बना हुआ है। खनन हो या वन कटान अथवा वन भूमि पर कब्जा अभियान सब कुछ सेटिंग गेटिंग साहब के चालक के जिम्मे है। इतना ही नहीं इस काले कारनामे में क्षेत्रीय लेखपाल और राजस्व कर्मियों की भूमिका भी सन्दिग्ध बताई जा रही है। गौरतलब हो कि सरकार अवैध कब्जे को लेकर जहाँ करवाई कर रही है वहीं बिभागीय कर्मियों की मिली भगत से सरकारी जमीन पर कब्जा प्रशासन के लिए नाशूर बनता जा रहा है।

 

सूत्र बताते हैं कि उच्चाधिकारियो को अनेक बार जानकारी देने के बाद भी कब्जेदारों पर ठोस करवाई न होना इसका मूल कारण बताया जा रहा है। इसबाबत वन रेज अधिकारी मोहम्मद जहीर मिर्ज़ा से जब बात करने की कोशिश की गई तो वे फोन उठाना मुनासिब नही समझे। उधर जब उप जिलाधिकारी दुद्धि रमेश चंद से बात की गई तो उन्हों ने कहा मैं अभी नया आया हूँ पूरी जानकारी नही है।

फिलहाल शिकायत मिली है मैं जाँच कराकर ठोस करवाई करूंगा। इस बाबत जानकारी लेने पर प्रभागीय वनाधिकारी रेनुकोट एम पी सिंह से जब जानकारी ली गयी तो उन्हों ने रेंजर को फोन पर ही फटकार लगाई और तत्काल करवाई का निर्देश देते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का फरमान जारी कर दिया।