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पन्द्रह लाख बिजली कर्मियो ने जो जहाँ है वही दो गज की दूरी बनाकर काली पट्टी वाली बाजू से विरोध का दिखाया दम, ओबरा संयुक्त संघर्ष समिति ने भी ज्ञापन सौप कन्धे से कन्धा मिला दिया साथ
June 1, 2020 • Vijay Shukla • सोनभद्र-मिर्ज़ापुर

पन्द्रह लाख बिजली कर्मियो ने जो जहाँ है वही दो गज की दूरी बनाकर काली पट्टी वाली बाजू से विरोध का दिखाया दम, ओबरा संयुक्त संघर्ष समिति ने भी ज्ञापन सौप कन्धे से कन्धा मिला दिया साथ

राकेश कुमार सिंह

लोकल न्यूज ऑफ़ इंडिया

ओबरा, सोनभद्र।CCOEEE (नेशनल को-ऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रीसिटी एम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स) के आह्वान पर केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित *बिजली (संशोधन) विधेयक-2020 और निजीकरण* के विरोध में आज दिनाँक 01 जून 2020 को देश के लगभग 15 लाख बिजली कर्मियों ने सोशल डिस्टेनसिंग का अनुपालन करते हुए काली पट्टी बांधकर कार्य किये।

कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सोशल डिस्टेनसिंग का अनुपालन करते हुए देश में जगह जगह विरोध सभाएं भी आयोजित की गई।

 

राष्ट्रीय स्तर पर विरोध कार्यक्रम को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में 'आल इंडिया फेडरेशन ऑफ पॉवर डिप्लोमा इंजीनियर्स(AIFOPDE)' ने अहम भूमिका निभाई। विरोध कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष AIFOPDE इ०आर०के०त्रिवेदी ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह इस मामलें को देखे और इस संबंध में बिजली कर्मचारियों एवम इंजीनियरो के दृष्टिकोण पर विचार करने के लिए राष्ट्रहित में एक द्विपक्षीय वार्ता निर्धारण करके कर्मचारियों एवम आमजनमानस के हित में फैसला ले। राष्ट्रीय प्रचार सचिव AIFOPDE, इ०वरिंदर शर्मा ने कहा कि भारत की स्वतन्त्रता के बाद राज्य विद्युत बोर्ड इस विचार के साथ गठित किये गए थे कि बिजली उद्योग लाभ कमाने वाला उद्योग नहीं होगा बल्कि यह अधिकतम 3%तक लाभ कमाते हुए सभी नागरिकों एवम उद्योगों के लिए सेवा करने हेतु समर्पित होगा। लेकिन वतर्मान केंद्रीय सरकार की नीति, राज्य विद्युत बोर्ड के विचारों के विपरीत है। शर्मा ने निजीकरण के विरुद्ध अंतिम दम तक लड़ने की बात कही।

उ०प्र० में इस बड़े विरोध कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उ०प्र० ने अग्रणी भूमिका निभाई।

NCCOEEE के आह्वान पर आज दिनांक 01 जून को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ०प्र० के बैनर तले उ०प्र० राज्य के सभी बिजली कर्मी, अवर अभियंता, एवम अभियंताओ ने आमजन विरोधी, बिजली कानून में प्रस्तावित संशोधन-2020 के विरोध में आज दिनाँक 01 जून को अपने अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर कार्य किया।

अपने तैनाती स्थल पर, सोशल डिस्टेनसिंग का अनुपालन करते हुए, काली पट्टी बाँधकर दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे के मध्य विरोध सभा का भी आयोजन किया गया

अपरान्ह 3:00 सभी जिला एवं परियोजना मुख्यालयो पर एक संगठन प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रत्येक जिले/परियोजना पर कार्यरत विभाग के सबसे वरिष्ठतम अधिकारी के माध्यम से मा• मुख्यमंत्री/प्रधानमंत्री को सम्बोधित विरोध ज्ञापन भी सौंपा गया।

लखनऊ मे ज्ञापन पत्र मा अध्यक्ष,उप्र ऊर्जा निगम शक्ति भवन को हस्तगत किये गए।

लखनऊ में संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में आयोजित विरोध सभा में राज्य विद्युत परिषद जू०इ०संघठन, उ०प्र० के महासचिव, इ०जयप्रकाश ने सभा के माध्यम से केंद्र सरकार से सवाल किया कि आखिरकार देश की सवा करोड़ से अधिक आम-जनता की सार्वजनिक संस्थाएं को चंद पूंजीपतियों के हाथों में क्यों सौंपा जा रहा है। केंद्र सरकार के ऐसे निर्णयों से देश भर के किसान, ग्रामीण, बिजली उपभोक्ता, मजदूर एवम शिक्षित बेरोजगार बुरी तरह प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि बिजली कानून में प्रस्तावित संशोधन देश को बुरी तरह बर्बाद कर देगा। 

इसी परिपेक्ष्य में संयुक्त संघर्ष समिति की ओबरा शाखा के तरफ से भी घटक दल के सदस्यों द्वारा आज पूरे दिन काली पट्टी लगाकर कार्य किया गया एवम सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे की बीच विरोध कार्यक्रम भी आयोजित किये गए।

सभा को संबोधित करते हुए राज्य विद्युत परिषद जू० इ० संगठन, उ०प्र० के उत्पादन निगम अध्यक्ष इ०आर०जी०सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिजली विधेयक संशोधन के माध्यम से नियामक आयोग एवम राज्य सरकारों के सारे अधिकारों को केंद्र सरकार को हस्तांतरित करने का प्रावधान बनाकर बिजली क्षेत्र को आसानी से बड़े निजी घरानों को सौंपने का रास्ता बनाया जा रहा है जिससे निजी घराने व्यवसायिक लाभ हेतु अपने सेवा शर्तों पर आमजन और लघु उद्योग को सुलभ बिजली प्राप्त होने के अधिकारों से वंचित कर सके।

संयुक्त संघर्ष समिति की ओबरा शाखा पर विरोध कार्यक्रम के दौरान समिति के संयोजक इ०अदालत वर्मा, राज्य विद्युत परिषद जू०इ०संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष (उत्पादन निगम) इ०आर०जी०सिंह, भारतीय मजदूर संगठन के प्रांतीय महामंत्री शशिकांत श्रीवास्तव, जू०इ०संगठन, जू०इ०संगठन के प्रांतीय प्रचार सचिव इ०आशुतोष मिश्रा, ओबरा के अध्यक्ष इ०अभय प्रताप सिंह, जू०इ०संगठन के शाखा सचिव इ०ओ०पी०पाल, उ०प्र०बिजली कर्मचारी संघ के शाखा अध्यक्ष इ०पशुपतिनाथ विश्वकर्मा, आई०टी०आई० यूनियन के महामंत्री दिनेश कुमार यादव, इ०अंकित कुमार, हरदेव नारायण तिवारी, बी०डी०विश्वकर्मा, कैलाश नाथ, योगेंद्र दुबे, अंबुज सिंह, सत्य प्रकाश, शाहिद अख़्तर, योगेश सिंह, इ०आशीष गुप्ता, इ०सर्वेश यादव, इ०ब्रजेश यादव आदि उपस्तिथ रहे।

विरोध सभा की समाप्ति के बाद विद्युत संघर्ष समिति शाखा ओबरा के तरफ से मुख्य महाप्रबंधक, ओबरा को प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री के नाम प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल एवम निजीकरण के विरोध में ज्ञापन भी सौंपा गया।