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सत्तर के हुए मोदी
September 17, 2020 • Vijay Shukla • विजय पथ-सम्पादकीय-लेख-खास रपट

शिशिर सोनी
नई दिल्ली .ये उन दिनों की बात है. तब भाई नरेंद्र मोदी संगठन का कामकाज देखा करते थे. दिल्ली के अशोक रोड स्थित भाजपा मुख्यालय के बगल वाली कोठी में एक कमरा उनके पास था. तब अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण अडवाणी, गोविंदाचार्य, मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, उमा भारती सहित दर्ज़न भर से ज्यादा बेहद सशक्त नेताओं की बेहद एक्टिव टीम-भाजपा थी, फिर भी नरेंद्र मोदी के पास खबरों की भरमार होती थी सो पत्रकारों का जमघट उनके पास सबसे ज्यादा होता था.


उस समय मैं अकेला ऐसा पत्रकार था जो दिल्ली के पुराना किला रोड स्थित तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सीताराम केसरी के घर भी जाता था और मोदी जी से भी मिलता था. उम्र में सबसे छोटा था, मगर खबरों की खबर के लिए मोदी जी और केसरी जी मुझे पसंद करते थे. केसरी जी और मोदी जी में एक बड़ी समानता रही, न केसरी जी ने अपने परिजनों को राजनीति में आगे बढ़ाया, न मोदी जी ने. परिवारवाद के दोनों घोर विरोधी रहे.
बाद में नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम और फिर देश की सियासत में बड़ा उलटफेर कर लोकप्रिय प्रधानमंत्री बने. जिनके साथ आपने समय बिताया हो वो सीएम, पीएम बनें तो जाहिर है खुशी होती है. ये फोटो उसी की बानगी है. ये नरेंद भाई का ही कमाल है उनकी खास अदा है कि वो पुराने दिनों के साथियों को नाम से आज भी याद करते हैं. इस बात मुलाकात के बीच दूर भीड़ में खड़े वरिष्ठ पत्रकार एनके सिंह की तरफ हाथ हिलाते हुए कहा, और एनके कैसे हो? एनके सिंह भी मोदी जी से मिलने जुलने वाले पत्रकारो में शुमार थे. उनके खास थे. उनके छोटे भाई अजय सिंह राष्ट्रपति के मीडिया सलाहकार हैं. तब ईटीवी में नौकरी के लिए हमारा इंटरव्यू एनके सिंह जी ने ही लिया था.
आज देश के ताकतवर प्रधानमंत्री का जन्मदिन है. वे स्वस्थ्य रहें. देश को स्वस्थ्य रखें. युवाओं को स्वस्थ्य रखें. उनकी नौकरियों को स्वस्थ्य रखें. आर्थिक स्थिति को स्वस्थ्य रखें.
सब अडानी, अंबानी तो नहीं बन सकते. आपके उतने करीब भी नहीं आ सकते. पर आपकी किरपा बरसी तो उनकी खाताबही की तरह देश के शेष की भी खाताबही दुरुस्त हो सकेगी. इस कोरोना काल में भी लाभ दिखा सकेगी. सब की जेबें भरी रहेंगी. सबका मंगल होगा. आपका मंगल हो. जनादेश.in