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सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
December 20, 2019 • Vijay Shukla

इसमामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल 60 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बुधवार को कोर्ट ने कानून पर रोक लगाने से इनकार Reject CAB! नई दिल्ली। नागरिकता कानून पर बवाल कर दिया है। Boycott NRC! के बीच पूर्ववित्त मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता पी चिदंबरम का बयान आया है। नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन नागरिकता संशोधन कानुन पर पी चिदंबरम ने कानून के खिलाफ बीते कुछ दिनों सवाल उठाए हें और कहा है किजो पहले से देश के अलग-अलग इलाकों में #United ही पाकिस्तान के नागरिक हैं. उन्हें नागरिकता विरोध-प्रदर्शन जारी है। इस मामले रहे हैं और इस कानून को वापस गण परिषद शामिल हैं। साथ ही क्यों देनी चाहिए? गौरतलब है कि नागरिकता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल लिए जाने की मांग कर रहे हैं। यही राजद ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा कानून पर लगातार देश के अलग-अलग 60 याचिकाओं पर सुनवाई करते वजह है कि नागरिकता कानून के खटखठाया था। चीफ जस्टिस हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। नागरिकता कानून की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम हुए बुधवार को कोर्ट ने कानून पर खिलाफ कईयों ने सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बोबडे के नेतृत्व वाली तीन कोर्ट में चुनौती भी दी गई है, जिस पर आज सुनवाई भी होनी है। पी चिदंबरम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। याचिका दाखिल की है। साथ ही जजों की बेंच इन याचिकाओं पर ने बुधवार को नागरिकता कानून पर ट्वीट किया कि जो पहले से ही पाकिस्तान कोर्ट ने केन्द्र सरकार को नोटिस जामिया मिल्लिया इस्लामिया सुनवाई की। वहीं, जामिया मामले में के नागरिक हैं. उन्हें हमें क्यों नागरिकता देनी चाहिए।विपक्षको ऐसीचनौतियां जारी कर जवाब दाखिल करने को यूनिवर्सिटी और अलीगढ़ मुस्लिम सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जांच का क्या मतलब है? उन्होंने आगे लिखा कि यह सुखद है कि छात्र और युवा कहा है। यूनिवर्सिटी समेत अन्य जगहों पर समिति गठित करने से इनकार कर पीढ़ी उदार, धर्मनिरपेक्ष, सहिष्णु हैं और मानवतावाद का प्रदर्शन करते हैं। क्या आपको बता दें कि असम, हिंसा मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में दिया था और हाईकोर्ट जाने का सरकार इन मूल्यों को चुनौती दे रही है? बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार, बंगाल, दिल्ली समेत कई याचिका दायर है, जिस पर सुनवाई निर्देश दिया था। नागरिकता कानून मंगलवार को 'कांग्रेस और उसके मित्रों' पर संशोधित नागरिकता कानून को राज्यों से नागरिकता कानून के हुई। नागरिकता कानून के खिलाफ पर मचे बवाल के के बीच आज लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्हें सार्वजनिकरूपसे यह ऐलान खिलाफ प्रदर्शन में हिंसा की खबरें याचिका दाखिल करने वालों में मायावती की पार्टी बसपा का करने की चुनौती दी कि वेसभी पाकिस्तानियों को भारतीय नागरिकता देने के आईं। विपक्षी पार्टियों से लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश, इंडियन संसदीय दल राष्ट्रपति रामनाथ लिए तैयार हैं। पीएम मोदी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को यह चुनौती यूनिवर्सिटी और कई संगठन इसके मुस्लिम लीम और असम में सत्तारुढ़ कोविंद से मिलेगा और इस कानून भी दी कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को फिर से लागू करके और तीन खिलाफ सड़क पर लगातार उतर भाजपा की सहयोगी पार्टी असम को वापस लेने का अनुरोध करेगा। तलाक कानून को समाप्त करके दिखाए।